अक्षय के खौफ से भिड़े सैफ, हैवान देखकर दर्शकों ने दिया अपना फैसला

हैवान समीक्षा: अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी करीब 18 साल बाद एक बार फिर पर्दे पर साथ दिखाई दी है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बानी हैवान एक ऐसे व्यक्ति की कहानी लेकर आती है, जिसकी कमजोर समझी जाने वाली इंद्रियां ही खतरे के समय उसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।

फिल्म में सैफ अली खान ने शाम का किरदार निभाया है, जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद अपनी तेज सुनने और महसूस करने की क्षमता से मुश्किल परिस्थितियों का सामना करता है। सैफ ने किरदार की मजबूरी और हिम्मत दोनों को अच्छे तरीके से पर्दे पर उतारा है।

अक्षय कुमार फिल्म में परशुराम की भूमिका में है। उनका किरदार कहानी में डर और तनाव पैदा करता है। अभिनेता ने इस बार अपने सामान्य अंदाज से हटकर नकारात्मक और गंभीर भूमिका निभाने की कोशिश की है। दोनों कलाकारों की टक्कर फिल्म का सबसे दिलचस्प हिस्सा बनती है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया में सैफ और अक्षय के अभिनय को लेकर अच्छी बातें सामने आई हैं। खासतौर पर फिल्म के शुरुआती हिस्से और कहानी के धीरे-धीरे खुलने को कुछ दर्शकों ने पसंद किया है। हालांकि कुछ लोगों को फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी लगी और उन्हें लगा की अक्षय के किरदार को और ज्यादा प्रभावशाली बनाया जा सकता था।

करीब 165 मिनट की हैवान कुछ जगह लंबी ज़रूर लागत है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, रोमांच बढ़ता जाता है। कुल मिलाकर, फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी से ज्यादा अक्षय कुमार और सैफ अली खान की अलग तरह की भूमिकाएं और उनकी आमने-सामने की भिड़ंत है।

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